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श्रावण मेला से पहले सख्त संदेश: नियमों से समझौता नहीं, आस्था और सुरक्षा साथ-साथ एसएसपी

जसबीर सिंह

अयोध्या।श्रावण मास मेला और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए अयोध्या पुलिस ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जनपद के विभिन्न थानों में डीजे संचालकों के साथ बैठकें आयोजित कर प्रशासनिक दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया। यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देशन में चलाया गया, जिसमें कानून-व्यवस्था के साथ धार्मिक आस्था की गरिमा बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने स्पष्ट कहा कि श्रावण मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का पर्व है और इसकी पवित्रता बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने डीजे संचालकों से निर्धारित ध्वनि सीमा, समय-सीमा और प्रशासनिक नियमों का शत-प्रतिशत पालन करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, अफवाह फैलाने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सौहार्दपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है। क्षेत्राधिकारी रुदौली अरविंद सोनकर ने कहा कि कांवड़ यात्रा अनुशासन, संयम और श्रद्धा का प्रतीक है। सभी आयोजक एवं डीजे संचालक प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में जनसहभागिता सबसे बड़ी ताकत है। बैठकों में डीजे संचालकों को बिना अनुमति संचालन न करने, ध्वनि प्रदूषण के मानकों का पालन करने, यातायात व्यवस्था में सहयोग देने तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने दोहराया कि श्रावण मेला और कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा प्रत्येक आयोजन पर सतर्क निगरानी रखी जाएगी।

विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र हैं, राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों का मंच नहीं- कांग्रेस

विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक आयोजनों पर रोक लगाने की मांग को लेकर सौपा ज्ञापन

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज परिसर में लगातार सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने आज विश्वविद्यालय पहुंचकर महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति के नाम संबोधित ज्ञापन कुलपति को सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अयोध्या कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिला अध्यक्ष शिवपूजन पाण्डेय ने किया।ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय ज्ञान, शोध और नवाचार के केंद्र होते हैं। इन परिसरों में किसी भी राजनीतिक दल के संगठनात्मक अथवा प्रचारात्मक कार्यक्रम आयोजित होने से शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होता है, विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं शोध कार्य बाधित होते हैं तथा विश्वविद्यालयों की निष्पक्षता और गरिमा पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। कांग्रेस ने मांग की कि विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, जिससे शिक्षा का स्वस्थ एवं निष्पक्ष वातावरण बना रहे।इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष शिवपूजन पाण्डेय ने कहा, “विश्वविद्यालय किसी भी राजनीतिक दल की गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि देश के भविष्य का निर्माण करने वाले शिक्षा के मंदिर हैं। यदि विश्वविद्यालयों का उपयोग राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा तो इससे उनकी स्वायत्तता और शैक्षणिक गरिमा दोनों प्रभावित होंगी। राज्यपाल एवं कुलाधिपति के रूप में इस विषय पर तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है।”उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने कहा, “आज प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों में सत्ता के प्रभाव में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है और शिक्षा का वातावरण दूषित होता है। विश्वविद्यालय किसी भी दल का अघोषित कार्यालय नहीं बन सकते। कांग्रेस शिक्षा संस्थानों की गरिमा और स्वायत्तता की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।”पीसीसी सदस्य संजय तिवारी ने कहा, “विश्वविद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध का वातावरण उपलब्ध कराना है, न कि राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी शिक्षण संस्थान राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रहें और केवल शिक्षा एवं अनुसंधान के केंद्र के रूप में कार्य करें।”ज्ञापन सौंपने के दौरान पीसीसी सदस्य करम राज यादव, जिला महामंत्री दिनेश शुक्ला, सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश कोऑर्डिनेटर शैलेंद्र पाण्डेय, सूचना का अधिकार विभाग के जिला अध्यक्ष अमरीश पाण्डेय, अमानीगंज ब्लॉक अध्यक्ष संतोष तिवारी, मिल्कीपुर ब्लॉक अध्यक्ष प्रशांत पाण्डेय, जितेंद्र यादव, युवा कांग्रेस के कुंवर पीयूष सिंह, महेश सिंह, सुभाष तिवारी, राहुल तिवारी, नगर पंचायत अध्यक्ष विकास सिंह ‘विकी’, युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष बृहस्पति मणि पाण्डेय, कृष्ण देव शर्मा, संदीप मिश्रा, बृजेश यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेसजनों ने फूंका असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का पुतला

अयोध्या । कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य नेताओं के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का पुतला फूंका। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के रोकने के प्रयासों के बावजूद जबरदस्त आक्रोश दिखाते हुए असम के मुख्यमंत्री का पुतला फूंक दिया। कांग्रेस कार्यालय के समक्ष आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया और प्रशासनिक सख्ती के बीच भी कार्यक्रम को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री अपने पद की गरिमा के विरुद्ध आचरण कर रहे हैं और लगातार अलोकतांत्रिक एवं अमर्यादित टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद कांग्रेस नेताओं के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्यवाही की धमकी देना लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां अत्यंत निंदनीय हैं।
महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी समाज में वैमनस्य फैलाने का कार्य करती है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग को इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करनी चाहिए।
पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कांग्रेस द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पीसीसी सदस्य राम अवध पासी,पंकज सिंह,रुद्र प्रताप सिंह रिशु, नाजिश फातिमा, उमेश उपाध्याय, राजकुमार पांडे,अशोक कनौजिया, धर्मेंद्र सिंह फास्टर, डॉ विनोद गुप्ता, चंचल सोनकर ,तैयब खान ,यासीन, सरजू प्रसाद वर्मा, रामचरित्र वर्मा,कविंद्र साहनी ,अरुण साहू, रामचरित्र वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

नई तकनीकी अपनाकर अपनी आमदनी को दुगुना करें गन्ना किसान- राजेश्वर

मिल्कीपुर, क्षेत्र के गन्ना किसान कृषि क्षेत्र में विकसित तकनीकी एवं सामयिक विधाओं को अपनाकर अपनी प्रति हेक्टेयर लगात में कमी लाकर गन्ने की खेती को और लाभकारी बना अपनी आय को दुगुना कर सकते है उक्त बातें जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव ने विकास खंड मिल्कीपुर के ग्राम गोयड़ी के पंचायत सभागार में आयोजित क्षेत्र के गन्ना किसानों की सामूहिक सभा के दौरान किसानों से रूबरू होते हुए कहीं,उन्होंने क्षेत्र के गन्ना किसानों की बुवाई एवं आपूर्ति के दरमियान आने वाली किसी भी समस्या के समाधान के लिए जनपद की अपनी विभागीय टीम के संकल्प एवं प्रतिबद्धता दोहराते हुए उसके हर स्तर पर सम्यक निस्तारण की बात पर जोर दिया।नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्र मसौधा के कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर पंकज सिंह ने उपस्थित किसानों को मिट्टी में मूल पोषक तत्वों की कमी एवं उसकी बिगड़ती संरचना को सीधे तौर पर फसलों की निरंतर गिरती उत्पादकता से जोड़ते हुए इसके सुधार हेतु अधिकाधिक कार्बनिक एवं हरी खाद के प्रयोग एवं इसकी महत्ता को रेखांकित किया। सहकारी गन्ना विकास समिति मसौधा के सचिव टी आर यादव ने कुछ गन्ना किसानों की चीनी मिल के प्रति सौतेला रवैया अपनाए जाने को गम्भीरता से लेते हुए उनकी आशंका का समाधान करते हुए समिति में उपलब्ध कृषि निवेश एवं यंत्रों के बारे में जानकारी देते हुए लाभ उठाने का आग्रह किया।ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मसौधा राम प्रताप ने गन्ने की फसल में रोग ,कीट एवं पेड़ी प्रबंधन को महत्ता को रेखांकित करते हुए इसे समय से करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ग्राम प्रधान दुर्गाबक्स सिंह द्वारा गोष्ठी में आए हुए अतिथियों को अंग वस्त्र देकर एवं माल्यार्पण करते हुए सम्मानित किया गया।गोष्ठी का संचालन उत्तर प्रदेश गन्ना पर्यवेक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री अमित सिंह बैस द्वारा किया गया। बैठक में क्षेत्रीय गन्ना डायरेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद नरसिंह ने क्षेत्र के गन्ना किसानों की समस्याओं को उठाते हुए अधिकारियों से उसके निस्तारण का आग्रह करते हुए मौजूद अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। गोष्ठी में मसौधा के सहायक परियोजना अधिकारी सियाराम गुप्त, सांख्यिकी अधिकारी अवधेश सिंह, गन्ना पर्यवेक्षक नित्यानंद मिश्र एवं क्षेत्र के सैकड़ो गणमान्य गन्ना किसानों की मौजूदगी रही। समापन के उपरांत क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षक एवं गोष्ठी के आयोजक दिलीप श्रीवास्तव ने गोष्ठी में आए हुए जनपद के विभागीय अधिकारियों, क्षेत्र के सम्मानित गन्ना किसानों एवं चीनी मिल स्टाफ का इस गोष्ठी को सफल बनाने में किए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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वरिष्ठ पत्रकार हुए सम्मानित

त्रिगुट दैनिक व अदब टाइम्स की बैठक में वरिष्ठ पत्रकार सम्मानित
निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता पर दिया गया जोर


लखनऊ। देवीपाटन मण्डल से अनवरत प्रकाशित त्रिगुट दैनिक एवं अदब टाइम्स समाचार पत्र की एक महत्वपूर्ण बैठक लखनऊ में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य रजा हुसैन रिज़वी ने की। इस अवसर पर पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, उसकी चुनौतियों और सामाजिक दायित्वों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान उत्कृष्ट लेखनी, निष्पक्ष पत्रकारिता तथा सामाजिक सरोकारों में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ पत्रकार आनंद गुप्ता, अयोध्या के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नरेन्द्र बहादुर सिंह एवं गोण्डा के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कल्पराम त्रिपाठी को अंगवस्त्र ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में उपस्थित पत्रकारों और गणमान्य लोगों ने तीनों वरिष्ठ पत्रकारों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें पत्रकारिता जगत का प्रेरणास्रोत बताया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में रजा हुसैन रिज़वी ने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी होता है। उसकी लेखनी में सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता अनेक दबावों और चुनौतियों से गुजर रही है, ऐसे में पत्रकारों को और अधिक सजग, जागरूक तथा निष्पक्ष होकर कार्य करने की आवश्यकता है। जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना ही सच्ची पत्रकारिता है।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया के इस युग में खबरों की गति तेज़ जरूर हुई है, लेकिन विश्वसनीयता और गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। पत्रकारों को चाहिए कि वे तथ्यों की गहन पड़ताल के बाद ही समाचार प्रकाशित करें, जिससे समाज में सही संदेश जाए और लोकतंत्र मजबूत हो।
सम्मानित पत्रकारों ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम है। उन्होंने युवा पत्रकारों से आग्रह किया कि वे सच्चाई, नैतिकता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें तथा बिना किसी भय या दबाव के समाज की आवाज़ बनें।
बैठक में संगठनात्मक मजबूती, आपसी समन्वय, ग्रामीण अंचलों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। अंत में बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई और सभी ने निष्पक्ष, निर्भीक एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
इस अवसर पर सीतापुर के वरिष्ठ पत्रकार हिलाल अख्तर, विजयंत सिंह, प्रतापगढ़ के युवा पत्रकार धर्मेन्द्र दुबे , जतिन गुप्ता आदि मौजूद रहे।