

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज परिसर में लगातार सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने आज विश्वविद्यालय पहुंचकर महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति के नाम संबोधित ज्ञापन कुलपति को सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अयोध्या कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिला अध्यक्ष शिवपूजन पाण्डेय ने किया।ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय ज्ञान, शोध और नवाचार के केंद्र होते हैं। इन परिसरों में किसी भी राजनीतिक दल के संगठनात्मक अथवा प्रचारात्मक कार्यक्रम आयोजित होने से शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होता है, विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं शोध कार्य बाधित होते हैं तथा विश्वविद्यालयों की निष्पक्षता और गरिमा पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। कांग्रेस ने मांग की कि विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, जिससे शिक्षा का स्वस्थ एवं निष्पक्ष वातावरण बना रहे।इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष शिवपूजन पाण्डेय ने कहा, “विश्वविद्यालय किसी भी राजनीतिक दल की गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि देश के भविष्य का निर्माण करने वाले शिक्षा के मंदिर हैं। यदि विश्वविद्यालयों का उपयोग राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा तो इससे उनकी स्वायत्तता और शैक्षणिक गरिमा दोनों प्रभावित होंगी। राज्यपाल एवं कुलाधिपति के रूप में इस विषय पर तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है।”उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने कहा, “आज प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों में सत्ता के प्रभाव में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है और शिक्षा का वातावरण दूषित होता है। विश्वविद्यालय किसी भी दल का अघोषित कार्यालय नहीं बन सकते। कांग्रेस शिक्षा संस्थानों की गरिमा और स्वायत्तता की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।”पीसीसी सदस्य संजय तिवारी ने कहा, “विश्वविद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध का वातावरण उपलब्ध कराना है, न कि राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी शिक्षण संस्थान राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रहें और केवल शिक्षा एवं अनुसंधान के केंद्र के रूप में कार्य करें।”ज्ञापन सौंपने के दौरान पीसीसी सदस्य करम राज यादव, जिला महामंत्री दिनेश शुक्ला, सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश कोऑर्डिनेटर शैलेंद्र पाण्डेय, सूचना का अधिकार विभाग के जिला अध्यक्ष अमरीश पाण्डेय, अमानीगंज ब्लॉक अध्यक्ष संतोष तिवारी, मिल्कीपुर ब्लॉक अध्यक्ष प्रशांत पाण्डेय, जितेंद्र यादव, युवा कांग्रेस के कुंवर पीयूष सिंह, महेश सिंह, सुभाष तिवारी, राहुल तिवारी, नगर पंचायत अध्यक्ष विकास सिंह ‘विकी’, युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष बृहस्पति मणि पाण्डेय, कृष्ण देव शर्मा, संदीप मिश्रा, बृजेश यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अयोध्या । कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य नेताओं के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का पुतला फूंका। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के रोकने के प्रयासों के बावजूद जबरदस्त आक्रोश दिखाते हुए असम के मुख्यमंत्री का पुतला फूंक दिया। कांग्रेस कार्यालय के समक्ष आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया और प्रशासनिक सख्ती के बीच भी कार्यक्रम को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री अपने पद की गरिमा के विरुद्ध आचरण कर रहे हैं और लगातार अलोकतांत्रिक एवं अमर्यादित टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद कांग्रेस नेताओं के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्यवाही की धमकी देना लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां अत्यंत निंदनीय हैं।
महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी समाज में वैमनस्य फैलाने का कार्य करती है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग को इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करनी चाहिए।
पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कांग्रेस द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पीसीसी सदस्य राम अवध पासी,पंकज सिंह,रुद्र प्रताप सिंह रिशु, नाजिश फातिमा, उमेश उपाध्याय, राजकुमार पांडे,अशोक कनौजिया, धर्मेंद्र सिंह फास्टर, डॉ विनोद गुप्ता, चंचल सोनकर ,तैयब खान ,यासीन, सरजू प्रसाद वर्मा, रामचरित्र वर्मा,कविंद्र साहनी ,अरुण साहू, रामचरित्र वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मिल्कीपुर, क्षेत्र के गन्ना किसान कृषि क्षेत्र में विकसित तकनीकी एवं सामयिक विधाओं को अपनाकर अपनी प्रति हेक्टेयर लगात में कमी लाकर गन्ने की खेती को और लाभकारी बना अपनी आय को दुगुना कर सकते है उक्त बातें जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव ने विकास खंड मिल्कीपुर के ग्राम गोयड़ी के पंचायत सभागार में आयोजित क्षेत्र के गन्ना किसानों की सामूहिक सभा के दौरान किसानों से रूबरू होते हुए कहीं,उन्होंने क्षेत्र के गन्ना किसानों की बुवाई एवं आपूर्ति के दरमियान आने वाली किसी भी समस्या के समाधान के लिए जनपद की अपनी विभागीय टीम के संकल्प एवं प्रतिबद्धता दोहराते हुए उसके हर स्तर पर सम्यक निस्तारण की बात पर जोर दिया।नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्र मसौधा के कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर पंकज सिंह ने उपस्थित किसानों को मिट्टी में मूल पोषक तत्वों की कमी एवं उसकी बिगड़ती संरचना को सीधे तौर पर फसलों की निरंतर गिरती उत्पादकता से जोड़ते हुए इसके सुधार हेतु अधिकाधिक कार्बनिक एवं हरी खाद के प्रयोग एवं इसकी महत्ता को रेखांकित किया। सहकारी गन्ना विकास समिति मसौधा के सचिव टी आर यादव ने कुछ गन्ना किसानों की चीनी मिल के प्रति सौतेला रवैया अपनाए जाने को गम्भीरता से लेते हुए उनकी आशंका का समाधान करते हुए समिति में उपलब्ध कृषि निवेश एवं यंत्रों के बारे में जानकारी देते हुए लाभ उठाने का आग्रह किया।ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मसौधा राम प्रताप ने गन्ने की फसल में रोग ,कीट एवं पेड़ी प्रबंधन को महत्ता को रेखांकित करते हुए इसे समय से करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ग्राम प्रधान दुर्गाबक्स सिंह द्वारा गोष्ठी में आए हुए अतिथियों को अंग वस्त्र देकर एवं माल्यार्पण करते हुए सम्मानित किया गया।गोष्ठी का संचालन उत्तर प्रदेश गन्ना पर्यवेक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री अमित सिंह बैस द्वारा किया गया। बैठक में क्षेत्रीय गन्ना डायरेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद नरसिंह ने क्षेत्र के गन्ना किसानों की समस्याओं को उठाते हुए अधिकारियों से उसके निस्तारण का आग्रह करते हुए मौजूद अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। गोष्ठी में मसौधा के सहायक परियोजना अधिकारी सियाराम गुप्त, सांख्यिकी अधिकारी अवधेश सिंह, गन्ना पर्यवेक्षक नित्यानंद मिश्र एवं क्षेत्र के सैकड़ो गणमान्य गन्ना किसानों की मौजूदगी रही। समापन के उपरांत क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षक एवं गोष्ठी के आयोजक दिलीप श्रीवास्तव ने गोष्ठी में आए हुए जनपद के विभागीय अधिकारियों, क्षेत्र के सम्मानित गन्ना किसानों एवं चीनी मिल स्टाफ का इस गोष्ठी को सफल बनाने में किए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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त्रिगुट दैनिक व अदब टाइम्स की बैठक में वरिष्ठ पत्रकार सम्मानित
निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता पर दिया गया जोर
लखनऊ। देवीपाटन मण्डल से अनवरत प्रकाशित त्रिगुट दैनिक एवं अदब टाइम्स समाचार पत्र की एक महत्वपूर्ण बैठक लखनऊ में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य रजा हुसैन रिज़वी ने की। इस अवसर पर पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, उसकी चुनौतियों और सामाजिक दायित्वों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान उत्कृष्ट लेखनी, निष्पक्ष पत्रकारिता तथा सामाजिक सरोकारों में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ पत्रकार आनंद गुप्ता, अयोध्या के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नरेन्द्र बहादुर सिंह एवं गोण्डा के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कल्पराम त्रिपाठी को अंगवस्त्र ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में उपस्थित पत्रकारों और गणमान्य लोगों ने तीनों वरिष्ठ पत्रकारों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें पत्रकारिता जगत का प्रेरणास्रोत बताया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में रजा हुसैन रिज़वी ने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी होता है। उसकी लेखनी में सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता अनेक दबावों और चुनौतियों से गुजर रही है, ऐसे में पत्रकारों को और अधिक सजग, जागरूक तथा निष्पक्ष होकर कार्य करने की आवश्यकता है। जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना ही सच्ची पत्रकारिता है।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया के इस युग में खबरों की गति तेज़ जरूर हुई है, लेकिन विश्वसनीयता और गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। पत्रकारों को चाहिए कि वे तथ्यों की गहन पड़ताल के बाद ही समाचार प्रकाशित करें, जिससे समाज में सही संदेश जाए और लोकतंत्र मजबूत हो।
सम्मानित पत्रकारों ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम है। उन्होंने युवा पत्रकारों से आग्रह किया कि वे सच्चाई, नैतिकता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें तथा बिना किसी भय या दबाव के समाज की आवाज़ बनें।
बैठक में संगठनात्मक मजबूती, आपसी समन्वय, ग्रामीण अंचलों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। अंत में बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई और सभी ने निष्पक्ष, निर्भीक एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
इस अवसर पर सीतापुर के वरिष्ठ पत्रकार हिलाल अख्तर, विजयंत सिंह, प्रतापगढ़ के युवा पत्रकार धर्मेन्द्र दुबे , जतिन गुप्ता आदि मौजूद रहे।









अलावलपुर, अयोध्या। ग्राम अलावलपुर में श्री रणविजय सिंह पूर्व न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के आवास पर श्रीमद्भागवत कथा साताह ज्ञान उत्सव में श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भगवान के चौबीस अवतारों के साथ समुंद्र मंथन और भक्त प्रह्लाद प्रसंग का बखान किया गया। इसमें कथा व्यास कौशल्यानंद वर्धन जी महाराज ने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण नाम का मंत्र सुना था। जिसके सुनने मात्र से भक्त प्रह्लाद के कई कष्ट दूर हो गए थे। कथा का आगाज गुरु वंदना के साथ किया गया।
इसके उपरांत उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की पावन लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में दिया जाता है, वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता है। ऐसे में बच्चों को धर्म व आध्यात्म का ज्ञान दिया जाना चाहिए। माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है। अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव जी को पांच वर्ष की आयु में भगवान का दर्शन प्राप्त हुआ। इसके साथ ही उन्हें 36 हजार वर्ष तक राज्य भोगने का वरदान प्राप्त हुआ था। ऐसी कई मिसालें हैं, जिससे सीख लेने की जरूरत है। इस मौके पर संकीर्तन मंडली की सदस्यों ने प्रभु महिमा का गुणगान किया। भगवान के चौबीस अवतारों की कथा के साथ-साथ समुद्र मंथन की बहुत ही रोचक एवं सारगर्भित कथा सुनाते हुए कहा कि यह संसार भगवान का एक सुंदर बगीचा है। यहां चौरासी लाख योनियों के रूप में भिन्न- भिन्न प्रकार के फूल खिले हुए हैं। जब-जब कोई अपने गलत कर्मो द्वारा इस संसार रूपी भगवान के बगीचे को नुकसान पहुंचाने की चेष्टा करता है तब-तब भगवान इस धरा धाम पर अवतार लेकर सजनों का उद्धार और दुर्जनों का संघार किया करते हैं ।
महाराज श्री ने बताया कि जिसके अंदर के दानव जीत गया उसका जीवन दु:खी, परेशान और कष्ट कठिनाइयों से भरा होगा और जिसके अंदर के देवता जीत गया उसका जीवन सुखी, संतुष्ट और भगवत प्रेम से भरा हुआ होगा । इसलिए हमेशा अपने विचारों पर पैनी न•ार रखते हुए बुरे विचारों को अच्छे विचारों से जीतते हुए अपने मानव जीवन को सुखमय एवं आनंद मय बनाना चाहिए । कथा के प्रारंभ में श्री भागवत भगवान के यजमान श्री सीता राम सिंह ,श्री सुरेंद्र सिंह,श्री विजयपाल सिंह और न्यायमूर्ति रणविजय सिंह पूर्व न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पूजन कर आरती उतारी गई और कथा सहयोगी द्वारा पुष्प कथा के बीच बीच में महाराज श्री ने भागवत भजन के द्वारा माहौल को भागवत मय एवं भक्ति मय बना दिया।उन्होंने कई मनमोहक भजन प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।आज की कथा में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सेवक संघ के प्रचारक श्रीमान कौशल जी प्रांत प्रचारक अवध प्रांत,अशोक मेहता अतिरिक्त महाधिवक्ता उच्च न्यायालय इलाहाबाद, अभय सिंह विधायक गोसाईगंज,श्री आर पी दुबे भूतपूर्व शासकीय अधिवक्ता उच्च न्यायालय इलाहाबाद ,श्री राजेश सिंह अध्यक्ष अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा एवं पेट्रोलियम एसोशिएशन ,शिव वचन सिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख पूरा,श्री रघुराज किशोर मिश्र अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता उच्च न्यायालय इलाहाबाद,श्री दिनेश सिंह सचिन पूर्वी उत्तर प्रदेश विद्या भारती, प्रोफेसर डॉ लक्ष्मीकांत सिंह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के महानगर प्रचारक सुदीप जी,जिला प्रचारक योगेंद्र जी,दर्शन नगर विस्तारक शिवांशु जी, करियप्पा नगर विस्तारक रजनीश जी, माधव नगर विस्तारक अतुल जी आदि ने कथा रस का पान किया।
2,100 वेदाचार्यों के वैदिक मंत्रों के साथ मां सरयू की महाआरती की गई। इस अद्भुत दृश्य ने सम्पूर्ण जगत को भक्तिभाव से अभिभूत कर दिया।
सरयूतीरे रम्ये पुण्ये, रमति रामो जनप्रियः।तस्य सान्निध्यमात्रेण, पवित्रं भवति भूतलम्॥











दीपोत्सव पर रामायण कालीन प्रसंगों को प्रस्तुत करती साकेत महाविद्यालय से निकली झांकियां, भारतीय संस्कृति में समाहित विभिन्न प्रकार की लोककला, लोकसंस्कृति व लोकनृत्य की विभिन्न विधाओं को परिभाषित करते कलाकार





सामूहिक आरती को लेकर आज ही बनाया गया विश्व रिकॉर्ड, अयोध्या के लिए गौरवान्वित करने वाला है पल।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने की आधिकारिक घोषणा।
पिछले दीपोत्सव 1100 वैदिक ब्राह्मण के सामूहिक आरती के बाद अब 2100 से ज्यादा लोगों ने सरयू की महा आरती कर बनाया है कीर्तिमान।
कीर्तिमान के बाद अयोध्या में है उत्साह का माहौल, आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे घोषणा।
सूत्रों के मुताबिक लगभग 2136 लोगों के सामूहिक सरयू आरती का बना है विश्व रिकॉर्ड।
अयोध्या।
भगवान राम की नगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड टूटा
2025 में जून तक अयोध्या पहुंचे 23 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु
2025 में जून तक अयोध्या पहुंचे 49,993 विदेशी पर्यटक
दीपोत्सव की भव्यता से पर्यटकों का आगमन तेज हुआ
CM योगी के विजन से राम नगरी में सुविधाओं का विस्तार।
शोभा यात्रा का हुआ आगाज, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने दिखाई हरी झंडी, पूर्व सांसद लल्लू सिंह महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी विधायक रामचंद्र यादव विधायक वेद प्रकाश गुप्ता विधायक चंद्रभानु पासवान व अन्य भाजपा नेता रहे मौजूद। साकेत महाविद्यालय से निकली शोभायात्रा, राम पथ पर लगभग 4 किलोमीटर तय करेगी दूरी,कई प्रदेशों के लोक कलाकार दे रहे अपनी प्रस्तुति, राम कथा पार्क में सीएम योगी करेंगे शोभा यात्रा का स्वागत।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान –
दीपोत्सव 2025 की पूरे प्रदेश वासियों को हृदय से बधाई
अयोध्या जहां धर्म स्वयं मानव रूप में अवतरित हुए
अयोध्या धाम में 2017 में दीपोत्सव का निर्णय लिया
आज लाखों लाख दीप अयोध्या में प्रज्ज्वलित होते हैं तो हर भारतीय के भाव सामने आते हैं
ये दीप 500 वर्षों के संघर्ष का स्वरूप हैं
हर दीप हमें याद दिलाता है सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं
सदियों तक विदेशी आक्रांताओं के षड्यंत्र किए
1947 में जब देश आजाद हुआ तो लोगों को उम्मीद थी सांस्कृतिक आजादी मिलेगी
1949 में मूर्ति हटाने का हुक्म जारी किया
एक ही संकल्प था राम लाला हम आएंगे मंदिर यहीं बनायेंगे
किन लोगों ने आस्था को कैद करने का काम किया
आज अयोध्या को पहचान के संकट से नहीं गुजरना पड़ता
अब हर वर्ष 6 करोड़ से 10 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या आ रहे हैं
अयोध्या आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित होगी
अयोध्या।
नवे दीपोत्सव में विश्व रिकॉर्ड। 26 लाख 17 हजार 215 दीप एक साथ जलाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया।ड्रोन से इन दीपों की काउंटिंग की गई।








अयोध्या में दीपोत्सव के माध्यम से त्रेतायुग की छवि उतारने का प्रयास












मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या इस समय दीपोत्सव की तैयारियों में डूबी है। राम की पैड़ी सहित नगर के अन्य घाटों पर 33,000 स्वयंसेवकों की मदद से दीये बिछाने का काम जारी है। 19 अक्टूबर को 26,11,101 दीप प्रज्ज्वलन के साथ नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए जाने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार अयोध्या नगरी के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास को दोहराते हुए त्रेतायुग की छवि प्रस्तुत करने जा रही है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को अयोध्या के अतीत एवं भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या में जो दीपावली मनाई गयी थी, उसी का प्रतिरूप बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि दीपोत्सव की असली चमक उसकी जन सहभागिता में है। करीब 33,000 वालंटियर जिनमें-छात्र, शिक्षक और स्थानीय संगठन शामिल हैं, अयोध्या के घाटों पर दीयों की सजावट में जुटे हैं। इस कार्य का समन्वय डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय कर रहा है। अयोध्या में 17 अक्टूबर की दोपहर तक घाट-8, 9, 10 और 11 पर सजावट का कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो चुका था। इस दौरान 7-8 लाख दीयों को घाटों पर सजाया जा चुका था। स्वयंसेवक अपने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में मिट्टी के दीयों को न केवल सजाने में जुटे हैं। नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्रा ने बताया कि युवाओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। बच्चों की लगन देखकर स्पष्ट है कि अगली पीढ़ी भी ‘राम काज’ में कितनी गहराई तक जुड़ी है।
दीपोत्सव-2025 के लिए 26 लाख दीयों में से करीब 16 लाख दीये अयोध्या और आसपास के गांवों- जैसे जयसिंहपुर, पुरा बाजार और गोसाईगंज के 40 कुम्हार परिवारों ने अपने हाथों से बनाया है। शेष 10 लाख दीयों की आपूर्ति औद्योगिक इकाइयों, सामाजिक संगठनों, ग्रामीण महिलाओं और प्रदेश की जनता ने मिलकर सुनिश्चित की है। दीप प्रज्ज्वलन के लिए लगभग 55 लाख बत्तियां तैयार की गई हैं। दीपों के लिए 73,000 लीटर तेल का प्रयोग किया जा रहा है। अयोध्या का सरयू तट लाखों दीयों की जगमगाहट के लिए सज रहा है। इस भव्य आयोजन में राम की पैड़ी पर 16 लाख दीये, विस्तारित राम की पैड़ी पर 4.25 लाख दीये, चौधरी चरण सिंह घाट पर 4.75 लाख दीये और भजन संध्या घाट पर 5.25 लाख दीयों की मनमोहक सजावट होगी। इसके अलावा, लक्ष्मण किला घाट और आसपास के घाटों पर 1.25 लाख दीये रोशनी बिखेरेंगे।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में सरकार और सभी संबंधित अधिकारी दीपोत्सव को भव्य बनाने के काम में जुटे हैं। अयोध्या आने वाले हर आगंतुक को विशेष अनुभव मिले, इसका प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया, 18, 19 और 20 अक्टूबर को आम जनता के लिए 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो और 1,100 मेक इन इंडिया ड्रोन द्वारा भव्य शो का प्रदर्शन होगा। वहीं, 19 अक्टूबर को 2,100 वेदाचार्यों की महाआरती इस आयोजन का विशेष आकर्षण होगी।
एक नयनाभिराम अयोध्या की झलक





दीपोत्सव को लेकर आज घाटों पर बिछाए जाएंगे दीप
अयोध्या दीपोत्सव को लेकर घाटों पर आज से बिछाए जाएंगे दीये। लगभग 32 हज़ार वॉलिंटियर्स आज से शुरू करेंगे दीया बिछाने का कार्य। इस बार 26 लाख 11 हज़ार 101 दीयों को प्रज्वलित करने का दिया गया है लक्ष्य। एडीएम सिटी ने सभी वालंटियर्स को सतर्क करते हुए निर्धारित घाटों के अलावा इधर-उधर ना घूमने की की अपील। इसके अलावा आसपास संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखकर तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचना देने का किया आग्रह। दीप प्रज्वलन के समय मोबाइल फोन का प्रयोग करना भी किया वर्जित। एसपी सिटी ने कहा कि दीपोत्सव आई कार्ड को किसी के साथ ना करें शेयर और सोशल मीडिया पर भी ना डालें यदि किसी का डुप्लीकेट आई कार्ड पाया जाता है तो उसके खिलाफ की जाएगी कार्यवाही।
भारत और नेपाल ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन पर क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत किया
लखनऊ, 16 अक्टूबर, 2025
“राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) – योजना, कार्यान्वयन और निगरानी” पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 16-17 अक्टूबर 2025 तक लखनऊ में आयोजित किया गया है, जिसमें भारत और नेपाल के लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करना, भारत के स्वच्छ वायु प्रबंधन अनुभव को साझा करना और उत्सर्जन सूची, स्रोत विभाजन और शहर-स्तरीय स्वच्छ वायु कार्य योजना में तकनीकी क्षमता का निर्माण करना है।
अंतर्राष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र (आईसीआईएमओडी) द्वारा, अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण स्थिरता एवं प्रौद्योगिकी मंच के साथ साझेदारी में, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भारत सरकार के वक्ताओं के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने सिंधु-गंगा के मैदान और हिमालयी तलहटी (आईजीपी-एचएफ) क्षेत्र में सहकर्मी शिक्षा और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया।
उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने आज यहाँ होटल हिल्टन में इस पहल की सराहना करते हुए कहा,
“भारत और नेपाल के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान आईसीआईएमओडी द्वारा परिकल्पित एक बेहतरीन विचार है। भारत के प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ विज़न और मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) पहल के अनुरूप वन और शहरी हरियाली पर ध्यान केंद्रित करने से स्वच्छ वायु और पर्यावरण सुधार में काफ़ी मदद मिलेगी।
उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रमुख सचिव, आईएएस श्री अनिल कुमार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दिखाया है और स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शीर्ष तीन में स्थान बनाए हुए हैं।
आईसीआईएमओडी के वायु प्रदूषण शमन विभाग के एक्शन एरिया लीड श्री आशीष तिवारी ने ज़ोर देकर कहा,
“वायु प्रदूषण एक सीमा-पार समस्या है जिसके लिए क्षेत्रीय अभिसरण की आवश्यकता है। यह कार्यक्रम भारत और नेपाल के बीच दक्षिण-दक्षिण ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की दिशा में पहला कदम है।”
यह प्रशिक्षण पूरे दक्षिण एशिया में स्वच्छ वायु और स्वस्थ समुदायों के लिए विज्ञान-आधारित नीति-निर्माण और क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।


शिव हम भी शरणागत हैं
स्वीकार करो तो जाने,
बाबा हम हैं बड़े बेसहारे
हमें दो सहारे तो जाने।
मेरा कोई नहीं है जग में
तुम हाथ पकड़ लो तो जाने
मैं हूं निर्बल मेरे भोले
तुम सबल करो तो जाने।
शिव हम भी शरणागत——
मैं हार गई जीवन से
तुम जीत दिलाओ तो जाने
सबने छला मुझको बाबा
उसे सबक सिखाओ तो जाने ।
शिव हम भी शरणागत—–
मैं पतित बहुत हूं शंभू
पावन कर दो तो जाने
मैं भटक गई हूं राहें
मंजिल को दिलाओ तो जाने ।
शिव हम भी शरणागत——
सबने है मुझे ठुकराया
तुम उर से लगाओ तो जाने
मेरे उर में बहुत है अंधेरा
उजियारा करो तो जाने ।
शिव हम भी शरणागत——
विश्वास छला मेरा सबने
तुम करो यकीं तो जाने
हर रिश्ते ने है लूटा
तुम साथ निभाओ तो जाने।
शिव हम भी शरणागत——-
मेरी सोई किस्मत भोले
तुम उसे जगा दो तो जानें
मेरी खोई हुई प्रतिष्ठा
तुम लौटा दो तो जानें ।
शिव हम भी शरणागत——
मेरा कोई नहीं है जग में
तुम अपना लो तो जाने
याचक बन संजू भी आई
मनवांछित वर दो तो जानें ।
शिव हम भी शरणागत——
इस झूठे जग में कृपालु
पहचान दिलाओ तो जाने
शिव हम भी शरणागत हैं
स्वीकार करो तो जानें ॥ “
डॉ० संजुला सिंह “संजू”
जमशेदपुर (झारखंड )
